Sayings and Preaching of Swami Ramakrishna by Jagdish Vidrohi | Hindi PDF

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Sayings and Preaching of Swami Ramakrishna by Jagdish Vidrohi

Book Type- Hindu Hindi Knowledge ebooks
File Format- PDF
Language- Hindi
Total Pages- 148
Size- 46Mb
Quality- HQ, without any watermark,

पुस्तक के बारे में (विस्तृत विवरण)

“Sayings and Preaching of Swami Ramakrishna” एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक ग्रंथ है, जिसमें Sri Ramakrishna के उपदेशों, वचनों और शिक्षाओं का संकलन किया गया है। यह पुस्तक स्वामी रामकृष्ण के जीवन-दर्शन को सरल और सहज भाषा में प्रस्तुत करती है, ताकि सामान्य पाठक भी उनके गूढ़ आध्यात्मिक विचारों को समझ सकें।

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स्वामी रामकृष्ण का मानना था कि ईश्वर की प्राप्ति केवल शास्त्रों के अध्ययन या कर्मकांड से नहीं, बल्कि प्रत्यक्ष अनुभव और सच्ची भक्ति से होती है। इस पुस्तक में उनके उपदेश संवादों, छोटी-छोटी कहानियों और दृष्टांतों के रूप में प्रस्तुत किए गए हैं। वे अक्सर दैनिक जीवन से जुड़े उदाहरण देते थे—जैसे तालाब, नाव, बाज़ार, दूध और पानी—जिससे कठिन दार्शनिक सत्य भी सरल बन जाते हैं।

पुस्तक का एक प्रमुख विषय धर्मों की एकता है। स्वामी रामकृष्ण ने अपने अनुभव के आधार पर कहा कि हिंदू, मुस्लिम, ईसाई—सभी धर्म ईश्वर तक पहुँचने के अलग-अलग मार्ग हैं। उनका प्रसिद्ध विचार कि “जितने मत, उतने पथ” इस पुस्तक में अनेक स्थानों पर झलकता है। यह विचार धार्मिक सहिष्णुता और मानव-एकता का सशक्त संदेश देता है।

इसके अतिरिक्त, पुस्तक में भक्ति और वैराग्य के संतुलन पर विशेष बल दिया गया है। स्वामी रामकृष्ण संसार में रहते हुए भी उससे आसक्त न होने की शिक्षा देते हैं। वे कहते हैं कि मनुष्य अपने कर्तव्यों का पालन करे, लेकिन हृदय को ईश्वर में लगाए रखे। यह संदेश आज के भौतिकवादी युग में विशेष रूप से प्रासंगिक है।

यह ग्रंथ केवल आध्यात्मिक ज्ञान नहीं देता, बल्कि पाठक को आत्मचिंतन, नैतिकता और मानसिक शांति की ओर भी प्रेरित करता है। इसलिए यह पुस्तक साधकों, विद्यार्थियों, अध्यापकों और सामान्य पाठकों—सभी के लिए समान रूप से उपयोगी है।

लेखक के बारे में (विस्तृत परिचय)

जगदीश विद्रोही एक भारतीय लेखक, संकलक और विचारक थे, जिन्होंने भारतीय आध्यात्मिक परंपरा को आधुनिक पाठकों के लिए सरल और सुबोध रूप में प्रस्तुत किया। उनका मुख्य उद्देश्य महान संतों और आध्यात्मिक गुरुओं की शिक्षाओं को इस प्रकार संकलित करना था कि वे केवल विद्वानों तक सीमित न रहें, बल्कि सामान्य जनजीवन का हिस्सा बन सकें।

जगदीश विद्रोही की लेखन-शैली सरल, प्रवाहपूर्ण और भावनात्मक है। वे मूल विचारों से छेड़छाड़ किए बिना उन्हें स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करते हैं। इस पुस्तक में भी उन्होंने स्वामी रामकृष्ण के उपदेशों को व्यवस्थित ढंग से संकलित किया है, जिससे पाठक क्रमबद्ध रूप में उनके विचारों को समझ सके।

लेखक ने इस पुस्तक में कोई जटिल दार्शनिक व्याख्या थोपने के बजाय, स्वामी रामकृष्ण के मूल शब्दों और भावों को महत्व दिया है। यही कारण है कि यह ग्रंथ एक प्रामाणिक और विश्वसनीय आध्यात्मिक पुस्तक के रूप में माना जाता है। जगदीश विद्रोही का योगदान इस दृष्टि से महत्वपूर्ण है कि उन्होंने आध्यात्मिक साहित्य को अकादमिक दायरे से बाहर निकालकर जनसामान्य तक पहुँचाया।

पुस्तक का महत्व और निष्कर्ष

“Sayings and Preaching of Swami Ramakrishna” केवल एक धार्मिक या आध्यात्मिक ग्रंथ नहीं है, बल्कि यह जीवन को सही दिशा देने वाला मार्गदर्शक है। यह पुस्तक सिखाती है कि सच्ची आध्यात्मिकता दिखावे में नहीं, बल्कि प्रेम, करुणा, विनम्रता और आत्मानुभूति में निहित है।

आज के तनावपूर्ण और प्रतिस्पर्धात्मक समाज में यह पुस्तक पाठक को आंतरिक शांति, संतुलन और सकारात्मक दृष्टिकोण प्रदान करती है। स्वामी रामकृष्ण के उपदेश कालातीत हैं और हर युग में उतने ही प्रासंगिक हैं।

निष्कर्षतः, यह पुस्तक उन सभी लोगों के लिए अत्यंत उपयोगी है जो भारतीय संत परंपरा, भक्ति आंदोलन और सार्वभौमिक आध्यात्मिक मूल्यों को गहराई से समझना चाहते हैं।

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